Thursday, January 26, 2017

कम्पूटर का इतिहास ( Computer History)

कंप्यूटर शब्द की उत्पति अंग्रेज़ी भाषा के कम्प्यूट शब्द से हुई है जिसका अर्थ है गणना करना अतः कम्प्यूटर का विकास गणितिय गणनाओं के उद्देश्य की पूर्ति के लिए किया गया है सबसे पहले कंप्यूटर का आविष्कार 600 ईसा पहले गिनतारे का विकास मेसोपुटामिया में हुआ, इसी प्रकार Calculator का आविष्कार 17वीं शताब्दी के शुरुआत में डानन नेपियर ने किया था जिसका उपयोग गणितिय गणनाओं हेतु किया गया था। इसके बाद 1671 में ब्रान गोट फ्राइड में गणना करने वाले कैलकुलेटर का आविष्कार किया. 1942 में बेब्ज पास्कल ने यांत्रिक कैलकुलेटर बनाया जिसे पास्कलिंग कहा गया यह कैलकुलेटर सिर्फ 6 व्यकित्यों के बराबर गणना कर सकता था।
वर्ष 1822 में चार्ल्स बेबेज ने सबसे पहले Digital Computer बनाया पास्कलिन से प्रेरणा लेकर डिफ्रेन्सियल और एनालिटीकल एनिंजन का अविष्कार किया, उन्होंने 1937 में स्वचालित कंप्यूटर की परिकल्पना की जिसमे कृत्रिम स्मृति तथा प्रोग्राम के अनुरूप गणना करने की क्षमता हो, किन्तु हथर्न होलेरीथ ने भी पूरा किया ! पंचकार्ड की मदद से सारा कार्य खुद ही करने इलेक्ट्रोनिक टेबूलेशन मशीन का निर्माण किया गया! मतलब प्रथम पीढ़ी के कंप्यूटर में Vacuum Tube या Vacuum Valve का प्रयोग हुआ। 
1948 में Valve की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग किया जाने लगा ! इससे Vacuum Tube में होने वाले श्योर में पैदा होने वाली गर्मी से निजात पाया जा सका ! इसमें का खर्चीले और कम जगह घेरने वाले कंप्यूटर का निर्माण संभव हो सका ! 
1958 में ट्रांजिस्टर के स्थान पर सिलकोन चिप पर इंटीग्रेटेड सर्किट का उपयोग कंप्यूटर के क्षेत्र में किया जाने लगा | इसने कंप्यूटर के क्षेत्र में मूलभूत परिवर्तन तथा एक नयी क्रांति ला दी जिसको कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी कहा गया ! सिलकोन चिप निर्मित कंप्यूटर का आकार अत्यंत छोटा होने के कारण इन्हें मिनी कंप्यूटर कहा जाने लगा।

Computer History by Year :कंप्यूटर तकनिकी विकास के द्वारा जो कंप्यूटर के कार्यशेली तथा क्षमताओं में विकास हुआ इसके फलस्वरूप कंप्यूटर विभिन्न पीढ़ियों तथा विभिन्न प्रकार की कंप्यूटर की क्षमताओं का निर्माण का आविष्कार हुआ !
कार्य क्षमता के इस विकास को 1964 में कंप्यूटर जनरेशन कहा जाने लगा।
कंप्यूटर विकास की पहली पीढ़ी - 
वैक्यूम टूयूब्स (1940 - 1956) : इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को नियंत्रण और प्रसारित करने हेतु वैक्यूम टूयूब्स का उपयोग किया गया इसमें भरी भरकम कंप्यूटर का निर्माण हुआ किन्तु सबसे पहले उन्ही के द्वारा कंप्यूटर की परिकल्पना साकार हुई | ये टूयूब्स के आकार में बड़े तथा ज्यादा गर्मी उत्पन्न करते थे तथा उनमे टूट-फुट तथा ज्यादा खराबी होने की संभावना रहती थी और इसकी गणना करने की क्षमता भी काफी कम थी और पहली पीढ़ी के कंप्यूटर ज्यादा स्थान घेरते थे।

कंप्यूटर विकास की दूसरी पीढ़ी - 
ट्रांजिस्टर (1956 - 1963) : में ट्रांजिस्टर का आविष्कार हुआ | इस दौरान के कंप्यूटरों में ट्रांजिस्टरों का एक साथ प्रयोग किया जाने लगा था, जो वाल्व्स की अपेक्षा अधिक सक्षम और सस्ते होते थे | जिन्हें कंप्यूटर निर्माण हेतु वैक्यूम टूयूब्स के स्थान पर उपयोग किया जाने लगा | ट्रांजिस्टर का आकार वैक्यूम टूयूब्स की तुलना में काफी छोटा होता है | जिससे कंप्यूटर छोटे तथा उनकी गणना करने की क्षमता अधिक और तेज | पहली पीढ़ी की तुलना में इनका आकार छोटा और कम गर्मी उत्पन्न करने वाले तथा अधिक कार्यक्षमता व तेज गति के गणना करने में सक्षम थे।


कंप्यूटर विकास की तीसरी पीढ़ी (Third Generation Computer History in Hindi):-
इंटीग्रेटेड सर्किट (1964 - 1971) : इस अवधि के कंप्यूटरो का एक साथ प्रयोग किया जा सकता था. यह समकालित चिप विकास की तीसरी पीढ़ी का महत्वपूर्ण आधार बनी, कंप्यूटर के आकार को और छोटा करने हेतु तकनिकी प्रयास किये जाते रहे जिसके परिणाम स्वरूप सिलकोन चिप पर इंटीग्रेटेड सर्किट निर्माण होने से कंप्यूटर में इनका उपयोग किया जाने लगा ! जिसके फलस्वरूप कंप्यूटर अब तक के सबसे छोटे आकार का उत्पादन करना संभव हो सका ! इनकी गति माइक्रो सेकंड से नेनो सेकंड तक की थी जो स्माल स्केल इंटीग्रेटेड सर्किट के द्वारा संभव हो सका.

कंप्यूटर विकास की चोथी पीढ़ी (Fourth Generation Computer History in Hindi):-
माइक्रोप्रोसेसर (1971 - 1985) : चोथी पीढ़ी के कंप्यूटरों में माइक्रोप्रोसेसर का प्रयोग किया गया ! वी.एस.एल.आई. की प्राप्ति से एकल चिप हजारों ट्रांजिस्टर लगाए जा सकते थे।

कंप्यूटर विकास की पांचवी पीढ़ी (Fifth Generation Computer History in Hindi) :-
आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस: विकास की इस पांचवी अवस्था में कंप्यूटरों में कृत्रीम बुद्धि का निवेश किया गया है ! इस तरह के कंप्यूटर अभी पूरी तरह से विकशित नहीं हुए है ! इस तरह के कंप्यूटरों को हम रोबोट और विविध प्रकार के ध्वनि कार्यकर्मो में देख सकते है ! ये मानव से भी ज्यादा सक्षम होगा।






अनमोल विचार- आत्मविश्वास


विचारःधैर्य कड़वा होता है परन्तु फल इसका मीठा होता है।

विचारःहमेशा धैर्य का दुरूपयोग रोष में बदल जाता है।

 विचारःअच्छे शिष्टाचार की परीक्षा मतलब बुरे शिष्टाचार के साथ धैर्यपूर्वक रहना है।

विचारःधैर्य रखिये आसान होने से पहले सभी चीजें कठिन होती हैं।

विचारःवे लोग कितने निर्धन हैं जिनके पास धैर्य नहीं है।

विचारःजो मरने के लिए तैयार हों ऐसे लोगों को खोजना आसान है बजाय उन लोगो के जो धैर्य के साथ दर्द सहने को तैयार हों।

विचारःयोग्यता अनंत धैर्य है।

विचारःसभी चीजों के साथ धैर्य रखिये पर सबसे पहले खुद के साथ।

विचारःजो व्यक्ति धैर्य का मालिक है वह बाकि सभी चीजों का मालिक है।