देशवयापि महंगाई
देशवयापि महंगाई से चारो ओर हाय तोवा मचा हुआ है। जनता परेशान है, लेकिन वे कया करे, किससे कहेँ क या उन नेताओ.सांसदो से जिनहे उनहोने चुन कर भेजा ,आज तक वे खुद हि अपना पेट नह् भर पाये तो जनता कि कै।न चिंता करे ,दुसरी तरफ घोटालो पे घोटाले । पहले केंदिय कमचारियो के फिर राज कमचारियो के वेतन बढे. फिर सामानो के दाम बढे. ये तिनो मिला कर सांसदो का वेतन भी तिगुना बढाना ही चाहिए, संसद ने जोर दार आवाज उठाया, और उनका वेतन तिगुना करने का विल पास भी हो गया। ठिक चुनाव से पहले यही जनपतिनिघियों दवरा भरे जाने वाले जानकारियों के अनुसार ये सब के सब जनपतिनिघियाँ कड़ोड़पति हैं। जो धन इस जनता के गाढ़ि कमाई का एक हिससा है । इन जनपतिनिघियों मे से इकका दुकका को छोड़ कर किसी ने भी वेतन तिन गुना करने का विरोध नही किया, और करे भी .किंऊ इससे यह साफ हो जाता है, यह जनपतिनिघियाँ समाज के इसी जनता से वोट ले , चुनाव जित कर फिर से अपना भला करने मे जुट जाएगें ।
No comments:
Post a Comment