हमारा समाज प्रत्येक क्षण अनेको परिर्वतनो से गुजरता है यह सभी परिर्वतन क्षण मे हो या दिर्ध काल मे, लेकिन इसका प्रभाव मनुष्यों के जिवन मे समय-समय पर अनेको परिर्वतन लाता है।